ग्राहक के अनुरूप टूल का निर्माण

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Dhatukarya - Udyam Prakashan    22-जून-2021   
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वी. पी. इंडस्ट्रीज्, देश और विदेश के बाजारों में सभी प्रकार के टूल आपूर्त करने वाली एक भारतीय कंपनी है। मैं और मेरे सहकारी विठ्ठल पोळ ने इसे वर्ष 2009 में कोल्हापूर में शुरू किया। उत्पाद की गुणवत्ता, सुझाए गए उपायों पर तुरंत अमल करना और उससे ग्राहक का विश्वास हासिल करने की मजबूत नींव पर यह कंपनी खड़ी है।

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वी. पी. इंडस्ट्रीज का अत्याधुनिक सेटअप
ग्राहक की जरूरत के अनुसार टूल तैयार करने के लिए हमारे पास पारंपरिक मशीन समेत 8 सी.एन.सी. ग्राइंडिंग मशीन का सुसज्जित सेटअप है। विश्वसनीय कच्चे माल पर अचूक प्रक्रिया करने से गुणवत्ता प्राप्त होती है, इस पर हमारी कंपनी का दृढ़ विश्वास है। इसलिए हमने हमारे काम के लिए आगे दी गई प्रक्रियाओं को निर्धारित किया है।
1. अैप्लिकेशन और डिजाइन का कार्यसमूह, टूल ड्रॉइंग समझ कर उसके निर्माण हेतु आवश्यक आवर्तन समय तथा प्रति टूल की लागत के साथ, जरूरी प्रक्रिया तय करता है।
2. टूल का अंतिम ड्रॉइंग और प्रक्रिया तय करने के बाद, जरूरी ग्रेड के कार्बाइड बार के इस्तेमाल से उत्पादन किया जाता है।
3. गुणवत्ता नियंत्रण विभाग से टूल का हर पैरामीटर नवीनतम मशीन द्वारा जांचा जाता है और टूल के साथ उस जांच का मुद्रित रिपोर्ट दिया जाता है।
4. टूल की पहचान के लिए उस पर लेजर चिन्ह अंकित किया जाता है।
सॉलिड कार्बाइड स्टैंडर्ड ड्रिल, एंड मिल, प्रोफाइल टूल, स्टैंडर्ड बोरिंग बार (इंटिग्रल एवं साइड लॉक प्रकार के), विशेष या कॉम्बिनेशन बोरिंग बार, U ड्रिल, मिलिंग कटर जैसे खास और स्टैंडर्ड दोनों प्रकार के टूल ऑटोमोबाइल, एरोस्पेस, कृषि एवं अभियांत्रिकी उद्योग क्षेत्र के ड्रिलिंगसंबंधि सभी कामों के लिए उपलब्ध किए जाते हैं।
ग्राहक का अनुभव 1
टूलिंग का स्वदेशीकरण
 

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चित्र क्र. 1 : ग्राहक के पास यंत्रण होने वाला सिलिंडर
हमारे एक ग्राहक, सिलिंडर बोर (चित्र क्र. 1) के लिए, जर्मनी से आयात किया 3 फ्ल्यूट वाला फ्लैट ड्रिल और स्टेप रीमर ये टूल इस्तेमाल करते थे। ये टूल आयात किए जाने के कारण, कम से कम 10 टूल की मांग (मिनिमम ऑर्डर क्वांटिटी यानि एम.ओ.क्यू.) दर्ज करनी पड़ती थी। जिससे ग्राहक के पास टूल की इन्वेंटरी बढ़ रही थी। आयात किए टूल के पैरामीटर थे 175 से 200 मी./मिनट यंत्रण गति और 0.6 से 1.2 मिमी./फेरा सरकन गति (फीड)। पृष्ठ पर कोर होल के बिना फ्लैट ड्रिल काम कर रहा था। टूल की आयु तथा यंत्रण पैरामीटर के बारे में ग्राहक आयात किए टूल के कार्य से संतुष्ट थे। लेकिन कीमत, एम.ओ.क्यू. पर आधारित ऑर्डर और उससे बढ़ने वाले स्टॉक ये ग्राहक की समस्याएं थी। इस बात पर हमनें चर्चा की, परीक्षण के लिए हमनें उन्हें एक 3 फ्ल्यूट वाला फ्लैट ड्रिल दिया। उस ड्रिल ने पहले आवर्तन में, वर्तमान ड्रिल के पैरामीटर पर किसी आवाज एवं कंपन के बिना उचित काम किया। आयात किए टूल की आयु की तुलना में इस टूल की आयु 80% ही थी। दूसरे परीक्षण में हमनें फ्लैट ड्रिल में शीतक के लिए सामान्यतः दिए जाने वाले एक छिद्र की जगह पर तीन छिद्र दिए। फेस पर खुलने वाले इन छिद्रों से चिप हटाई जाने में सुधार हुआ, जिससे सरकन गति में 15% की बढ़त मुमकिन हुई। इस परीक्षण से हमें, आयात किए टूल की आयु के मुकाबले में 25% अधिक आयु मिली। इसके अलावा शीतक के सर्पिल (हेलिकल) 3 छिद्रों के कारण, टूल 4 बार रीग्राइंडिंग कर के इस्तेमाल किया जा सका। इसी प्रकार स्टेप रीमर के मामले में हमें टूल की अपेक्षित आयु के साथ बेहतर आयामी नियंत्रण मिला। हमने वही रीमर 3 बार रीग्राइंडिंग कर के, नए रीमर जितना ही अच्छा काम कर दिखाया।

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चित्र क्र. 2 : फ्लैट ड्रिल और रीमर
 
पिछले तीन सालों से हम इस ग्राहक को नियमित रूप से फ्लैट ड्रिल और रीमर (चित्र क्र. 2) की आपूर्ति कर रहें हैं। इससे ग्राहक को प्रति पुर्जा लागत में 25% लाभ मिला। इसी के साथ हमारी रीकंडिशनिंग की तत्पर सेवा से उनका स्टॉक कम हुआ और नए टूल के लिए सिर्फ 3 टूल की न्यूनतम मांग दर्ज करना संभव हुआ।
हमारे कुछ उत्पाद
ग्राहक का अनुभव 2
टूलिंग का व्यापक समाधान
एरोस्पेस क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले पुर्जों के यंत्रण का काम करने वाले हमारे एक ग्राहक की समस्या पर हमने ढूंढ़ा समाधान आगे दिया है।
अैल्युमिनियम 7075T इस मटीरीयल पर वृत्ताकार टूल (चित्र क्र. 3) इस्तेमाल करते समय समस्याएं हो रही थी। मशीन टूल मैगेजिन में होने वाले टूल पॉकेट की संख्या पर मर्यादा होने के कारण, हमें कम से कम टूल इस्तेमाल कर के काम पूरा करने की चुनौती थी। इसके अलावा, विशेष कोटिंग प्रक्रिया के बाद यंत्रण किए गए पुर्जों के माप, ड्रॉइंग से मेल नहीं दिखा रहे थे।
 

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चित्र क्र. 3 : वृत्ताकार टूल
ग्राहक के अभियांत्रिकी कार्यसमूह के साथ पुर्जे की बारीकियों का अध्ययन करने के पश्चात, हमने आवश्यक टूल की सूची बनाई। एक टूल में अधिकतम संभावित संयोजन (कॉम्बिनेशन) शामिल करने का प्रयास किया। इसके बाद, विशेष लेपन (कोटिंग) प्रक्रिया के पहले, पुर्जे के रीमिंग छिद्र का व्यास निश्चित किया। टूल का ब्योरेवार लेआउट तैयार किया और सभी की सहमती पाने के बाद उत्पादन शुरू किया। इस टूलिंग में 2 से 3 संयोजन वाला स्टेप ड्रिल और आकार पर अचूक नियंत्रण होने वाला रीमर था।
उचित कार्बाइड रॉड तथा अचूक ज्यामिति और लेपन वाले सभी टूल हमने एक हप्ते में ग्राहक को भेज दिए। टूल की संख्या कम करने के लिए, एक टूल में इष्टतम संख्या में संयोजन रखे गए थे। इसलिए उपलब्ध टूल मैगेजिन में टूल की पूरी असेंब्ली बैठ पाई और रीमर का आकार आवश्यक निर्देशों (स्पेसिफिकेशन) के अनुरूप रहा। यंत्रण करते समय ही व्यास का मापन अचूक सेट किया गया और उसके बाद लेपन किया। इससे लेपन के बाद पुर्जे के मापों में कोई भी फर्क नहीं आया।

महेश झोरे यांत्रिकी अभियंता हैं।
आप वी. पी. इंडस्ट्रीज् में साझेदार हैं।
टूलिंग क्षेत्र के काम का आपको 20 वर्षों का अनुभव हैं। 
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