रियल टाइम SPC सहित ऑनलाइन गेजिंग प्रणाली

08 Jan 2021 12:44:22

वैश्विक स्तर पर, उपकरणों के मूल उत्पादक (OEM) खुद की कार्यक्षमता सुधारने हेतु अपने पहले स्तर के (टियर 1) आपूर्तिकर्ताओं से ऊंचे दर्जे के और कम फर्क वाले उत्पादों की अपेक्षा कर रहे हैं। पहले स्तर के आपूर्तिकर्ता दूसरे स्तर के (टियर 2) आपूर्तिकर्ताओं से वहीं मांग करते हैं।

वाहन उद्योग क्षेत्र में गुणवत्ता व्यवस्थापन प्रणाली के लिए इंटरनैशनल ऑटोमोटिव टास्क फोर्स (IATF) 16949 यह तकनीकी स्पेसिफिकेशन, इस उद्योग में सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाला अंतर्राष्ट्रीय मानक बन गया है। इससे, वैश्विक वाहन उद्योग आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाइ चेन) में होने वाली भिन्न मूल्यांकन तथा प्रमाणन प्रणालियों में समन्वय पाया जाता है। बेहतर गुणवत्ता प्राप्त करने में योगदान देने हेतु, सभी स्तरों ने IATF 16949:2016 के कठोर मानदंड़ों का पालन करने के लिए कार्यरत रहना आवश्यक है और आने वाले दिनों में केवल ISO/TS 16949:2009 पर ही संतुष्ट नहीं रहना चाहिए। ISO/TS 16949:2016 मानक द्वारा, विशेष रूप से सांख्यिकी प्रक्रिया नियंत्रण (SPC) के उपयोग पर जोर दिया जाता है।

इस लेख में SPC का महत्व बताया गया है और उस पर अमल करने के लिए उठाने के मूलभूत कदमों की जानकारी दी गई है। साथ ही, उद्योग क्षेत्र में जहाँ रियल टाइम SPC के लिए ऑनलाइन गेजिंग टूल सफलतापूर्वक लागू किया गया है, वहाँ मिले व्यवसायिक लाभ को मिसाल दे कर समझाने का प्रयास किया है।

वाहन उद्योग के उत्पादकों को यंत्रण के समय आगे दी गई समस्याओं का सामना करना पड़ता है

समस्याओं के विशिष्ट कारण

उत्पादों के विविध आयामों (डाइमेंशन) का निरंतर (कंटिन्यूअस) मापन, आंखो से दिखने वाली (विज्युअल) विशेषताओं की नियमित दृश्य जांच और प्रक्रिया के पैरामीटर की निगरानी (मॉनिटरिंग) करने से उपरोक्त समस्याओं का समाधान मिलता है।

उपर बताई गई समस्याओं से मुक्त होने के लिए उत्पादकों ने प्रणाली की क्षमता पर ध्यान केंद्रित करना जरूरी है। इससे उन्हें नियमित गेजिंग पर आधारित SPC का इस्तेमाल संभव होगा जिसे वें आगे दिए निर्देश साध्य कर सकते हैं।

प्रणाली क्षमता में सुधार करने हेतु उपरोक्त पूर्व आवश्यकताएं, एक बेहतर SPC योजना के इस्तेमाल से पूरी की जा सकती हैं। जहाँ iSCOUT SPC समाधान के उपयोग से ऑनलाइन गेजिंग SPC प्रणाली लागू की गई है, ऐसे एक सफल ग्राहक का अनुभव इस लेख में बताया गया है।

समस्या के समाधान हेतु, प्रक्रिया विश्लेषणात्मक टूल के उपयोग से SPC को सफलतापूर्वक लागू करने से मशीन की क्षमता और उत्पादन में इस्तेमाल की गई प्रक्रियाएं, इन दोनों का बेहतर आकलन होता है। फलस्वरूप, उचित सुधार किए जा सकते हैं और आगे दिए व्यवसायिक लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं।


शुरू प्रक्रिया पर रखी जाने वाली निगरानी (रियल टाइम प्रोसेस मॉनिटरिंग)

तत्काल (रियल टाइम) प्रक्रिया निगरानी समेत SPC लागू करने हेतु, उत्पादकों को iSCOUT SPC सक्षम करता है। SPC के अमल का विवरण जानने से पहले हम उसकी मूलभूत संकल्पनाओं और कई बार सुनी गई '6-सिग्मा विश्लेषण' इस संज्ञा के बारे में जानते हैं।

ऑनलाइन उत्पादन गुणवत्ता देखरेख प्रक्रिया समेत SPC
ग्राहक द्वारा आयाम के लिए कुछ मर्यादाएं निर्देशित की होती हैं और इन विशिष्ट मर्यादाओं की तुलना में वास्तविक आयामों का मापन किया जाता है। इन आयामों के मूल्यों का झुकाव जानना जरूरी होता है क्योंकि उससे हमें प्रक्रिया की कार्यक्षमता का पता चलता है और जरूरत के अनुसार सुधार करने में सहायता मिलती है। सांख्यिकी प्रक्रिया नियंत्रण SPC, प्रक्रिया के कार्यप्रदर्शन का अर्थ जानने में उपयुक्त होता है। सांख्यिकी प्रक्रिया के नियंत्रण हेतु, 6-सिग्मा विश्लेषण एक महत्वपूर्ण तकनीक है। प्रक्रिया में सुधार करने के लिए इस्तेमाल होने वाली तकनीक और टूल का यह एक सेट होता है।

जो प्रक्रिया 6 सिग्मा की परिभाषा में अंतर्भूत होती है, उसमें कुछ विशेषता के साथ तैयार होने वाले कुल पुर्जों में से 99.99966% संख्याशास्त्र के अनुसार दोषरहित होना अपेक्षित होता है। 6 सिग्मा नीति, दोषों के कारण खोज कर उन्हें दूर करने और उनके प्रभाव से उत्पादन और व्यवसाय प्रक्रिया में होने वाले बदलाव कम करती है। साथ ही वह, प्रक्रिया से निकलने वाले उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार लाने का प्रयास करती है।

आयामों के मूल्यों के मानक विचलन (स्टैंडर्ड डेविएशन) को सिग्मा कहते हैं। असफलता के आकलन हेतु यह एक बेहद सूचक पैरामीटर है। आलेख क्र. 1 में वास्तविक मूल्यों का वितरण दर्शाया है, जो सामान्य वितरण वक्र (नॉर्मल डिस्ट्रिब्यूशन कर्व) का अनुसरण करता है। अन्य शब्दों में कहें तो हमें ±1 सिग्मा में 68% पुर्जे और ±2 सिग्मा में 95% पुर्जे दिखेंगे।

प्रक्रिया का मध्य (मीन) और स्पेसिफिकेशन की सबसे नजदिकी मर्यादा के बीच छः मानक विचलन (सिग्मा) हो तो, आलेख क्र. 1 में दर्शाएनुसार कोई भी आयाम स्पेसिफिकेशन पूरा करने में व्यवहारिक दृष्टि से असफल नहीं होगा। इसी संकल्पना से '6 सिग्मा प्रक्रिया' संज्ञा निर्माण हुई है।

अगर निर्देशित मर्यादा (जो आलेख क्र. 1 में लाल रेखाओं से दर्शाई है) 6-सिग्मा या उसके पार/बाद है तब हमें दोषयुक्त उत्पाद मिलेगा और ऐसी स्थिति में पुर्जों की 100% जांच करना आवश्यक है। दूसरी तरफ, अगर 6 सिग्मा और स्पेसिफिकेशन मर्यादा इनके बीच दूरी रखनी है तो हमें उच्च प्रिसिजन मशीन और टूल का उपयोग करना जरूरी है। इससे पुर्जों की लागत बढ़ सकती है।

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स्पेसिफिकेशन मर्यादा की चौड़ाई और 6 सिग्मा के अनुपात को प्रक्रिया क्षमता (Cp) कहते हैं। प्रक्रिया, स्पेसिफिकेशन मध्य से कितनी बाहर होती है इस पर Cpk का गणन किया जाता है। इसलिए शून्य दोष निश्चित करने हेतु जांच योजना के बारे में निर्णय लेते समय, प्रक्रिया क्षमता (Cp) का सावधानी से अध्ययन करना जरूरी होता है।

महत्वपूर्ण गणन

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कृपया ध्यान दें कि SPC कंट्रोल चार्ट (X बार चार्ट और R बार चार्ट) प्रक्रिया स्थायी (स्टेबल) है या नहीं ये दर्शाता है, लेकिन उससे प्रक्रिया स्वीकार्य उत्पाद बनाने में सक्षम है या नहीं और क्षमता के अनुसार कार्यरत है या नहीं, ये जानकारी नहीं मिलती।

क्षमता (Cp) और कार्यप्रदर्शन (Cpk) चार्ट द्वारा, प्रक्रिया की स्पेसिफिकेशन पूरी करने की क्षमता दर्शाई जाती है।

6 सिग्मा रेंज का स्पेसिफिकेशन रेंज में ठीक से शामिल होना, SPC Cp मापन द्वारा दिखता है। स्पेसिफिकेशन मर्यादा (ग्राहकों की अपेक्षा) को नियंत्रण मर्यादा (प्रक्रिया का कार्य) द्वारा विभाजित कर के यह मापन निर्धारित किया जाता है।

स्पेसिफिकेशन की उपरी मर्यादा से स्पेसिफिकेशन की निचली मर्यादा को घटाने के बाद बचे अंक को छः से विभाजित करने पर Cp अनुपात मिलता है।

6 सिग्मा का विस्तार और स्पेसिफिकेशन मर्यादा इनके बीच का संबंध, SPC Cpk गिनने से मिलता है। उपरी या निचले स्पेसिफिकेशन मर्यादा की तुलना में, क्षमता का सबसे कम मूल्य Cpk द्वारा दर्शाया जाता है। इससे जान सकते हैं कि प्रक्रिया, स्पेसिफिकेशन मर्यादा में उत्पादन करती है या नहीं। विवरण के औसत की तुलना, स्पेसिफिकेशन मर्यादा से कर के Cpk गिना जाता है।

मिसाल
प्रभावी गुणवत्ता नियंत्रण के लिए, इनलाइन जानकारी संकलन समेत SPC को लागू करना जरूरी है। इससे ही उत्पादन प्रक्रिया की क्षमता का मूल्यांकन और निगरानी कर सकते हैं। हमारे ग्राहक ओमकार मशीनिंग, वाहन उद्योग के लिए जरूरी पुर्जे बनाते हैं। इनके कारखाने में 4 प्रॉडक्शन लाइन पर बड़ी मात्रा में पुर्जे बनाएं जाते हैं। उनके OEM ने उन्हें आगे दिए निर्देशों का पालन करने का आदेश दिया।

1. इनलाइन मापन जानकारी इकठ्ठा करना।
2. 2D कोड रीडर के उपयोग से पुर्जों के अनुक्रमांक का स्वचालित पठन। यह 2D बार कोड, पुर्जे के धातुई पृष्ठ पर चिह्नित किया होना चाहिए।
3. काम के दौरान SPC : नियंत्रण चार्ट, हिस्टोग्रैम, Cp, Cpk गणन।
4. जानकारी, नमूना प्रमाणीकरण के लिए पूर्वनिर्धारित SPC नियमों पर आधारित, काम के दौरान चेतावनी सूचना (अलर्ट) और डैशबोर्ड।
5. सी.एन.सी. मशीन पर टूल घिसाव की निगरानी और टूल स्थान में किए गए सुधार, स्वचालित रूप से सी.एन.सी. मशीन को भेजना।

कार्यान्वयन
ओमकार मशीनिंग इस कारखाने में चित्र क्र. 1 में दर्शाए गए पुर्जों का उत्पादन बहुत बड़ी मात्रा में किया जाने के कारण, SPC लागू करने का निर्णय लिया गया। कुछ पैरामीटर हेतु SPC का पहले ही अमल किया जा चुका था और कुछ परिमाणों के लिए SPC की व्याप्ति बढ़ाने की जरूरत थी।


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यह मांगे पूरी करने के लिए, eMaestro की iSCOUT4.0 SPC प्रणाली इस्तेमाल की गई है। सी.एन.सी. मशीन, 2D मैट्रिक्स रीडर, जांच गेज और जानकारी संग्रहित करने वाला तथा सूचना भेजने वाला क्लाउड, ये सभी कार्यरत होते समय एकात्मिकरण (इंटिग्रेशन) कर के पूर्णतया स्वचालित 6 सिग्मा विश्लेषण प्रक्रिया इसमें कार्यान्वित की है।

इस समाधान में उपलब्ध विशेषताएं

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इस समाधान द्वारा, Cp/Cpk के अलावा आगे दिए पूर्वनिर्धारित किए SPC नियम लागू किए।

पुर्जों के लिए समाधान

प्रणाली का कार्य
चित्र क्र. 4 में प्रणाली के कार्य में विभिन्न पड़ावों का वर्णन किया है।

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1. पुर्जे सी.एन.सी. मशीन पर तैयार किए जाते हैं।
2. जांच गेज पर घटकों की तुरंत जांच होती है और उसी समय मापन किए आयामों की जानकारी iSCOUT4.0 SPC एज पर फीड की जाती है।
3. iSCOUT4.0 SPC जानकारी का विश्लेषण करती है और X बार, R बार, मानक विचलन, Cp, Cpk का गणन करती है। साथ ही, जांच स्थानक के पास रखे SPC डैशबोर्ड पर (चित्र क्र. 5) उन्हें प्रदर्शित करती है।

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4. iSCOUT4.0 SPC द्वारा, मशीन पर भेजने हेतु जरूरी टूल स्थान सुधार का गणन किया जाता है और अगला उत्पादन आवर्तन शुरू होने से पहले उसे सी.एन.सी. मशीन पर भेजा
जाता है।
5. पुर्जे का अनुक्रमांक ऑपरेटर द्वारा दर्ज किया जाता है और उसे स्वचालित रूप से iSCOUT4.0 SPC में फीड किया जाता है।
6. मापन जानकारी iSCOUT क्लाउड प्लैटफॉर्म पर फीड की जाती है। यहाँ नए घटकों के नापे गए वास्तविक आयामों पर और Cp, Cpk मूल्यों में हुए बदलाव पर आधारित उचित कार्रवाई की जाती है। संबंधित उपयोगकर्ताओं को इस कार्रवाई के बारे में सूचित किया जाता है। जैसे, 'Cpk मूल्य ने 1.6 टॉलरन्स की निचली मर्यादा पार की है'। यह सूचना उत्पादन पर्यवेक्षक को भेजी जाती है।
7. iSCOUT मोबाइल अैप पर उपयोगकर्ता को सूचना मिलती है। मोबाइल अैप पर पर्यवेक्षक गत एवं चालू मापन जानकारी, Cp, Cpk, मानक विचलन आदि देख सकते हैं।

ग्राहक को हुए लाभ

निष्कर्ष
ऑनलाइन गेजिंग सिस्टम के कारण ऑपरेटर तथा लाइन प्रबंधकों को, काम के बारे में सारी जानकारी मिलती रहती है। इससे प्रक्रिया अभियंता भी प्रक्रिया की बारीकियां समझ सकते हैं। स्वचालित टूल ऑफसेट को लागू करने के लिए यह एक मौल्यवान टूल है। डाउनस्ट्रीम ऑपरेशन के साथ जांच की जानकारी साझा करने में आसान, साथ ही सूचना तथा खतरे के इशारे प्रबंधित करने के लिए क्लाउड का उपयोग अत्यंत प्रभावशालि है।

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